नवरात्रि 2021 स्पेशल

बसंत नवरात्र में घट् स्थापना का मुहूर्त

चैत्र शुक्लप्रतिपदा मंगलवार दिनांक 13 अप्रैल, 2021 ई. को बसन्त नवरात्र का प्रारंभ हो

रहा है। घट स्थापना (देवी का आह्वान) के लिए देवी पुराण व तिथि तत्व में प्रातः काल का समय ही

श्रेष्ठ बताया गया है, अतः इस दिन प्रात:काल में द्विस्वभाव लग्न में घट स्थापना करनी चाहिये। इस

वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा मंगलवार को सूर्योदय 6-09 बजे होगा और द्विस्वभाव मीन लग्न 6-12 बजे

तक रहेगा। अतः सूर्योदय के साथ ही घट स्थापना कर नवरात्र प्रारंभ करने का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।

इसके अलावा द्विस्वभाव मिथुन लग्न में दिन के 9-46 से 12-00 बजे तक एवं अभिजित समय

दोपहर 12-02 से 12-52 बजे तक भी घट स्थापना की जा सकती है। चौघड़ियों के हिसाब से घट्

स्थापना करने वाले दिन के 9-18 से दोपहर बाद 2-02 बजे तक भी चर, लाभ व अमृत के

चौघड़िये में घट स्थापना कर सकते हैं।


इस बार चैत्र नवरात्र‍ि की शुरूआत 13 अप्रैल से हो रही है. नौ दिनों तक मां के पूजा-अर्चना का कार्यक्रम चलेगा. इन नौ दिनों में भक्त पूरी श्रद्धा से मां की भक्ति में लग जाते हैं. नवरात्रि में मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए नौ दिन तक उपवास भी रखते हैं. नवरात्रि की शुरूआत कलश स्थापना के साथ होती है. कलश स्थापना और पूजा की विशेष तैयारी की जाती है. आइए जानते हैं उन पूजन सामग्री के बारे में जिसकी जरूरत आपको पूजा के दौरान पड़ सकती है.


नवरात्रि पूजा की सामग्री लाल रंग मां दुर्गा का सबसे खास रंग माना जाता है. इसलिए पूजा शुरू करने से पहले लाल रंग के आसन का इंतजाम कर लें. आप लाल रंग के कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा मां के लिए लाल चुनरी, कुमकुम, मिट्टी का पात्र, जौ, साफ की हुई मिट्टी, जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, लाल सूत्र, मौली, इलाइची, लौंग, कपूर, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, पानी वाला नारियल, फूल माला और नवरात्रि कलश मंगा लें. 

खाली ना चढ़ाएं लाल चुनरी मां दुर्गा को खाली चुनरी कभी नहीं चढ़ानी चाहिए. चुनरी के साथ सिंदूर, नारियल, पंचमेवा, मिष्ठान, फल, सुहाग का सामान चढ़ाने से मां खुश होती हैं और आर्शीवाद देती है. मां दुर्गा को चूड़ी, बिछिया, सिंदूर, महावर, बिंदी, काजल चढ़ाना चाहिए.अखंड ज्योति के लिए अगर आप नवरात्र‍ि में अखंड ज्योति जलाना चाहते हैं तो पीतल या मिट्टी का दीया साफ कर लें. जोत के लिए रूई की बत्ती, रोली या सिंदूर, चावल जरूर रखें.

हवन की भी कर लें तैयारी

नवरात्रि में रोज हवन करना चाहते हैं तो हवन सामग्री भी मंगाकर रख लें. हवन के बिना मां की पूजा अधूरी भी मानी जाती है. इसके लिए हवन कुंड, लौंग का जोड़ा, कपूर, सुपारी, गुग्ल, लोबान, घी, पांच मेवा और अक्षत का इंतजाम कर लें.


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