Visiting Mars Saturn and Jupiter planets on 15 April 15 Coming in a straight line know time
15 अप्रैल को एक अनोखी खगोलीय घटना घटित होने जा रही है. इस खगोलीय घटना के अंर्तगत कोई भी व्यक्ति आसानी से तीन ग्रहों को अपनी आंखों से देख सकेगा.
मंगल, शनि और बृहस्पति ग्रहों के दर्शन होने जा रहे हैं. इस संयोग बेहद दुर्लभ माना जा रहा है. इस दिन बुधवार को सूर्योदय से पूर्व रात 2.30 बजे सौरमंडल के ये तीनों ग्रह एक सीधी रेखा में नजर आएंगें. इस नजारे को भारत में भी आसानी से देखा जा सकेगा. 15 अप्रैल की सुबह को ये तीनों ग्रह दक्षिण पूर्व दिशा में दिखाई देंगे. जिसमें क्षितिज से ऊपर सबसे पहले मंगल फिर शनि और इसके बाद बृहस्पति ग्रह नजर आएगा.
इस स्थिति को समझना बहुत आसान बताया जा रहा है. जानकारों की मानें तो चंद्रमा के ठीक ऊपर सफेद रंग का चमकदार जो एक तारा नजर आएगा वो बृहस्पति ग्रह होगा. बृहस्पति के नीचे शनि और उसके नीचे मंगल ग्रह एक सीधी रेखा में देखे जा सकेगें. नंगी आखों से देखने पर मंगल ग्रह सुर्ख लाल, बृहस्पति चमकदार सफेद और शनि धूसर पीला या हल्का लाल रंग का नजर आएगा. इस दिन सुबह में लगभग 4 बजकर 33 मिनट पर अलोस नाम का एक आर्टिफिशियल सैटेलाइट उत्तर दिशा व उत्तर पूर्व दिशा के बीच से निकल कर लगभग 4.37 मिनट पर ठीक शनि और मंगल ग्रह के बीच से गुजरता हुआ दिखाई देगा. यह एक जापानी सैटेलाइट है. जिसने अब काम करना बंद कर दिया है. planet
चंद्रमा और बृहस्पति को नजदीक आते देख सकेंगे
इस दिन चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह का मिलन भी आसानी से देख सकेंगे. प्रात:काल 4.34 बजे बृहस्पति ग्रह और चन्द्रमा काफी करीब होंगे, इसे आंखों से भी देख सकते हैं. इस दिन सूर्य निकलने के बाद भी चन्द्रमा लगभग 11 बजे तक दिखता रहेगा. दिन में दिखाई देने वाले चन्द्रमा को ओल्ड मून के नाम से जाना जाता है.
आचार्य चट्टोपाध्याय
15 अप्रैल को एक अनोखी खगोलीय घटना घटित होने जा रही है. इस खगोलीय घटना के अंर्तगत कोई भी व्यक्ति आसानी से तीन ग्रहों को अपनी आंखों से देख सकेगा.
मंगल, शनि और बृहस्पति ग्रहों के दर्शन होने जा रहे हैं. इस संयोग बेहद दुर्लभ माना जा रहा है. इस दिन बुधवार को सूर्योदय से पूर्व रात 2.30 बजे सौरमंडल के ये तीनों ग्रह एक सीधी रेखा में नजर आएंगें. इस नजारे को भारत में भी आसानी से देखा जा सकेगा. 15 अप्रैल की सुबह को ये तीनों ग्रह दक्षिण पूर्व दिशा में दिखाई देंगे. जिसमें क्षितिज से ऊपर सबसे पहले मंगल फिर शनि और इसके बाद बृहस्पति ग्रह नजर आएगा.
इस स्थिति को समझना बहुत आसान बताया जा रहा है. जानकारों की मानें तो चंद्रमा के ठीक ऊपर सफेद रंग का चमकदार जो एक तारा नजर आएगा वो बृहस्पति ग्रह होगा. बृहस्पति के नीचे शनि और उसके नीचे मंगल ग्रह एक सीधी रेखा में देखे जा सकेगें. नंगी आखों से देखने पर मंगल ग्रह सुर्ख लाल, बृहस्पति चमकदार सफेद और शनि धूसर पीला या हल्का लाल रंग का नजर आएगा. इस दिन सुबह में लगभग 4 बजकर 33 मिनट पर अलोस नाम का एक आर्टिफिशियल सैटेलाइट उत्तर दिशा व उत्तर पूर्व दिशा के बीच से निकल कर लगभग 4.37 मिनट पर ठीक शनि और मंगल ग्रह के बीच से गुजरता हुआ दिखाई देगा. यह एक जापानी सैटेलाइट है. जिसने अब काम करना बंद कर दिया है. planet
चंद्रमा और बृहस्पति को नजदीक आते देख सकेंगे
इस दिन चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह का मिलन भी आसानी से देख सकेंगे. प्रात:काल 4.34 बजे बृहस्पति ग्रह और चन्द्रमा काफी करीब होंगे, इसे आंखों से भी देख सकते हैं. इस दिन सूर्य निकलने के बाद भी चन्द्रमा लगभग 11 बजे तक दिखता रहेगा. दिन में दिखाई देने वाले चन्द्रमा को ओल्ड मून के नाम से जाना जाता है.
आचार्य चट्टोपाध्याय


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