Astrologer Ghanshyam krishna chatterjee

                            !!श्री:।।
आचार्य पण्डित श्री घनश्याम कृष्ण चटर्जी{ चट्टोपाध्याय} एक सुप्रसिध्द ज्योतिषी ,वैदिक वास्तुविद, रत्न शास्त्री ,हीलिंग कर्ता ,तथा अंक ज्योतिष पारदर्शी है!

वैदिक ज्योतिष और कर्मकांड के क्षेत्र में एक अनुभव सराहनीय हैं! आपका जन्म सनातन हिन्दू ब्राह्मण परिवार में हुआ !आप मूल रूप से कोलकाता हुगली क्षेत्र गंगा किनारे की सुंदर संस्कृति से युक्त है,
आपने अपने पूज्य पिता जी स्व0 श्री असीम कृष्ण चटर्जी ज्योतिषाचार्य जी से प्राम्भिक ज्योतिष विज्ञान  का दुर्लभ ज्ञान प्राप्त किया!यही से आपकी रुचि वेद विज्ञान ज्योतिष,आयुर्वेद, यंत्र शास्त्र ,मंत्र शास्त्र ,तंत्र शास्त्र की ओर अग्रसित हुआ,
आपके द्वारा किये गए कई प्रकार के शोध जैसे रूद्राक्ष के प्रकार ओर उनका उपयोग , उनके लाभ, नक्षत्र से रोग गणना,रत्नों से चिकित्सा,मंत्र के द्वारा लाभ प्राप्त करने जैसे सुंदर प्रयोग से जन समुदाय को अत्यंत लाभ हुआ! बाल्यकाल से ही आप खगोल शास्त्र,नक्षत्र विज्ञान,भौतिक विज्ञान.के उत्कृष्ट विद्यार्थी रहे हैं आपने अपने घर पर ही छोटी वेदशाला बना रखी हैं जहाँ से आप तारा मंडल का अध्यन अपने टेलीस्कोप से करते हैं,आपकी लालसा सदैव खगोल ओर नक्षत्र पिंडो की ओर जिज्ञासा रही हैं, आपने इस जिज्ञासा को पूर्ण रूप से जानने ओर अध्ययन के लिए छोटी काशी जयपुर नगर के राजा श्री रामचंद्र जी के द्वारा स्थापित राजकीय महाराज संस्कृत वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय में ज्योतिष विज्ञान,संस्कृत,तथा आयुर्विज्ञान की दुर्लभ ज्ञान लेकर वरिष्ठ उपाध्याय की उपाधि प्राप्त कर राजकीय महाराज आचार्य संस्कृत महाविद्यालय में प्रवेश किया जहाँ से आपने स्नातक अर्थात शास्त्री ओर आचार्य कि उपाधि को प्राप्त किया, यह पर जैपुर के राज परिवार के ज्योतिषाचार्यो के वंशज एवं ज्योतिष के महान ज्ञानी गुरुजनों से ज्योतिष की दीक्षा ली और महाविद्यालय में उच्च अंकों से प्रथम श्रेणी से उतीर्ण कऱ ज्योतिषाचार्य उपाधि को प्राप्त किया ,
ततपश्चात अपने इस अलोकिक ज्ञान का समाज हित मे प्रयोग करते हुए ज्योतिष विज्ञान कि सेवा कार्य मे जुड़ गए !आप एक सुप्रसिद्धित प्रतिष्ठा के व्यक्तित्व के धनी हैं!
आपका बाल्यकाल से ही जो सुसंस्कार तथा संस्कृति से जुड़े रहना ओर ज्योतिष विज्ञान वेद  ,आयुर्वेद,आध्यात्म,ज्ञान का जो अनुभव हैं वह समाज के लिये सराहनीय हैं! ओर इसी ज्ञान के लिए आपको 2011में तत्कालीन शिक्षामंत्री द्वारा “श्री” सम्मान एवं प्रशस्त्रि पत्र द्वारा सम्मानित किया गया था ऐसा ही क्रम आगे चलता रहा है!
 कई ज्योतिष सम्मेलनों में आप को “ज्योतिष गौरव” “ज्योतिष सारस्वत सम्मान” ,”ज्योतिर्विद सम्मान”,ओर 2017 अंतराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में आप को
 {“रजत पदक”} सम्मान से सम्मनित किया गया !
आप मूल रूप से बंगाली समाज के कुलीन ब्राह्मण वैष्णव परिवार से है आप अपने समाज के ओर प्रान्त के लोगो के साथ साथ विश्व कल्याण के प्रति सेवा भाव और नित्य प्रति समाज हित में कार्य आप के द्वारा किये जाते हैं!
आप एक प्रतिष्ठित संस्थान के प्रमुख महन्त आचार्य हैआप अपने आध्यात्मिक ज्ञान को कई संस्थाओं के साथ मिलकर विश्व मे प्रचार प्रसार करः रहे है  आप के द्वारा कई पत्र पतिकाओ में आद्यात्मिक ज्योतिषीय,तथा सामाजिक आलेख  अभिलेख नित्य प्रति लिखे जाते है ,जो सभी के लिए उपयोगी होते है आप के द्वारा की जाने वाली ज्योतिषीय गणनाए शत प्रतिशत सत्य और सठीक हुए है  आप एक मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं, आप जन्म कुंडली विज्ञान में विद्या ,बुद्धि,व्यवसाय,कॅरिअर,प्रेम,विवाह,परिवारिक संबंध,सन्तान,आयु,रोग ,भाग्य ,लाभ हानि इत्यादि की गणना बोहुत सरलता के साथ करः लेते है आप का यंत्र शास्त्र का ज्ञान सभी को लाभ प्रदान करता है,रोग निवारण हेतु हीलिंग, मेडिटेशन, ओर भी कई दुर्लभ विद्याओं का प्रयोग उत्कृष्ट रूप में करते हैं ! इसी प्रकार वैदिक ज्योतिषीय ज्ञान की धारा में आपने अलोकिक ज्ञान के द्वारा विश्व कल्याण के लिए आप यहाँ उपस्थित है 

                     वंदे मातरम जयतु भारतं!

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